
बाघमारा। बाघमारा अंचल के दरिदा एवं लेढ़िबुमर गाँवों में रैयतों एवं सरकार की करीब 100 एकड़ से अधिक जमीन पर ऊँची चाहरदीवारी खड़ी कर अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। इस पर झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
धनबाद उपायुक्त के प्रतिवेदन के अनुसार, मौजा दरिदा, गौजा नं०-120, खाता सं०-271 की भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर चाहरदीवारी खड़ी कर दी गई थी। मामले में अतिक्रमण वाद सं०-7/2024-25 दर्ज कर अभिलेख संधारित किया गया है तथा अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश पारित किया गया है।
अंचल कार्यालय, बाघमारा द्वारा पत्रांक-1158 दिनांक 22 अगस्त 2025 के माध्यम से इस भूमि को 8 सितंबर 2025 को अतिक्रमण मुक्त कराने की तिथि तय की गई है। इसके लिए मजिस्ट्रेट, पुलिस बल, महिला बल, सशस्त्र बल तथा लाठी पार्टी की प्रतिनियुक्ति हेतु अनुमंडल पदाधिकारी, धनबाद से अनुरोध किया गया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, तय तिथि को कार्रवाई कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा और अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। इससे प्रभावित किसानों को अपनी जमीन पर पुनः खेती करने का अवसर मिलेगा।
यह वक्तव्य झारखंड सरकार, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जारी किया गया है।
इसी मामले में सरयू राय ने विधानसभा में मामला उठाया था मामला उठाने से पूर्व इन्होंने चार दिवारी का निरीक्षण भी किया था। 1 तारीख को कतरास शहर में आगमन है श्री राय का अगला पड़ाव क्या होगा यह देखने वाली बात होगी।










